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विदाई शायरी हिन्दी में


अपने रिश्तों को उस ताले की तरह बनाओ
जिसे हथोड़े की चोट तो मंजूर हो 
मगर किसी दूसरी चाबी से खुलना मंजूर नहीं

लोगो को तो सिर्फ अल्फाज़ पढना आता है । अहसास तो कोई आशिक ही समझ पाता है ।

भूलना तो दुनिया की रीत है..लेकिन अफसोस इस बात का है की तुमने शुरुआत हमसे की

क्या कशिश थी उस की आँखों में मत पूछो मुझ से मेरा दिल लड़ पड़ा कि मुझे यही चाहिये

तू हर चीज मांग ले तुझ पर कुर्बान है बस । एक जान मत मांगना क्योंकि तू ही मेरी जान है

सबसे बडा Teacher ठोकर है खाते जाओगे और सीखते जाओगे

जब मैं बहुत परेशान होता हूं तब मुझे कुछ । और नहीं चाहिए बस तुम्हारा एक Hug चाहिए

हर कोई मुझे ज़िन्दगी जीने का 
तरीका बताता हैं 
उन्हें कैसे समझाऊ की कुछ 
ख़्वाब अधुरें हैं वरना जीना मुझें 
भी आता हैं

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