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Nikaah Shayari, quotes, wishes, | निकाह शायरी | urdu shayari

हेल्लो दोस्तों आज मैं आपको इस पोस्ट मे Nikaah Shayari निकाह शायरी से जुड़ी बता ने जा रहा हूं शेयर, कमेन्ट जरूर करें। 



    Nikaah Shayari | निकाह शायरी 

     या अल्लाह कुबूल बस इतनी दुआ हो जाए , उसका मेरे साथ निकाह हो जाए .

    किस्सों में ढूंढा गया मुझे... पर मैं तो कहानी में थी आप तोो किनारे से लौट आये... मैं वहीं पानी मे थी...

     Ishq Bhi Bhala Koi Karne Ki Chiz Hai ... Himmat Kijiye Or " Nikah " Kijiye ..

    होंठो पर शिकायतों का काफिला है,और आंखो में गले लगाने की तलब। 

     

    Naye Naye Hain Abhi,Halat-e-Judai Mein Hum.Isliye Palat Kar Teri Taraf,Dekhte Hain Hum 

    उसने कहा _शायरी अधूरी है तेरी.....मैंने कहा __जिसका इश्क़ अधूरा हो,वो अल्फाज़ कहाँ से लाए...

     तैयारी हुई " निकाह - ए- मोहब्बत की , सज गई ' पोशाक़ ' मेरे ' रूह ' की , ' मक़्कार शख़्स ' ने फ़ैसला बदला , बात ख़त्म मेरे ' ज़नाजे ' पर हुई ..... !!!

    Nikah Mubarak Shayari 

    Us Din Har " Khawaish " Puri Hogi Jis Din Mera Tujhse " Nikah " Hoga

    Shaadi Usise Karo Jisse Dil Razi Ho ... Na ki Usse jisse Duniya Wale Razi Ho ...

    Shayari for Nikah card 

    Sachi Mohabbat Nikah Ke Raste Par Lejati Hai Gunah Ke Raste Par Nahi ..

     Itni jaldi bhi kya thi ishq , Mohabbat , pyar karne ki , Thoda ruk jate to nikah bhi koi buri chiz nhi thi .

     

     " M " ke bad " N " aata hai ... To " Mohabbat " ke bad " Nikah " hona chahie ...

    Nikah Kabool Hai Shayari

    कुबूल है तेरा इश्क पर निकाह की सूरत में

    Logo'n Ne Pucha pyaar Ho Gaya To Kya Karoge Mene Kaha inshaAllah " Nikah " Karege ..

    Muslim shadi card shayari in Urdu 

    Nikah Me Bahut Taqat Hoti Hai Kyu Ki isme Gawah Se Zyada Allah Ki Raza Hoti Hai .. !!


     ख़ुद से तो आए न थे अहल-ए-ज़मीं सुनता है...!

    क्यूँ उन्हें भेज के अब उन की नहीं सुनता है...!!


    ये अगर सच है तो फिर आज इसे साबित कर...!

    कि सुना है तू सर-ए-अर्श-ए-बरीं सुनता है...!!


    वो जो सुनता नहीं तेरी तो गिला कैसा है...!

    तू भी कब उस की मेरे ख़ाक-नशीं सुनता है...!!


    बिगड़े बच्चे की तरह शोर मचाए जाए...!

    ये मेरा दिल किसी की भी नहीं सुनता है...!!


    हुस्न के हुस्न तग़ाफ़ुल से परेशान न हो...!

    ग़ौर से बात कहाँ कोई हसीं सुनता है...!!


    भूक इफ़्लास दग़ा जुर्म की बोहतात 'सादिक़'...!

    फिर भी लगता है तुझे कोई कहीं सुनता है...!!

     

    Marriage anniversary Shayari

    Pyaar karo wafa ke sath , Izhaar karo nikah ke sath ..

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