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100 टक्के की बात


" कभी-कभी ये वक़्त भी बेरहम हो जाता है,
गुज़र तो जाता है मगर गुज़ारा नही जाता ! "

❛कभी उम्मीदें उधड़ जाएँ तो मेरे पास ले आना,
मैं हौसलों का दर्जी हूँ, रफ़ू मुफ़्त में कर दूँगा।❜❣️

❛ज़िन्दगी ये तेरी खरोंचे हैं मुझ पर या,
फिर तू मुझे तराशने की कोशिश में हैं।❜❣️

❛कैसी बातें करते हो साहब,
मैं लफ़्ज़ों से भी ना खेलूँ !
ज़माना तो दिलों से खेलता हैं।❜❣️

"वक्त तू कितना भी परेशान 
      कर ले हमें 
लेकिन याद रख किसी मोड़ 
   पर तुझे भी बदल देंगे"...✍️

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